तो सफेद कफन में लिपटा हुआ मुर्दा भी सुलतान मिर्ज़ा होता। दिल की बातें सुनाऊं तुझे मैं पास बिठाकर। कितनी सदियों से गुनाहगार हुए बैठे �
तो सफेद कफन में लिपटा हुआ मुर्दा भी सुलतान मिर्ज़ा होता। दिल की बातें सुनाऊं तुझे मैं पास बिठाकर। कितनी सदियों से गुनाहगार हुए बैठे �